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Monday, February 28, 2011

आप आये



आप आये मेरे जीवन मे

लगा बहारे फ़िरसे आयी

जी करता हॆ चुंमू राहों को

झलक आपकी जिधर से आयी !!


आप आये तो यॆ जाना

अच्छा नही था य़ुं मिट जाना

चला गया कोई दिल से

क्योंकि दिल मे था आपको आना !!



क्या बात होती अगर पहले मिल गये होते

अब तक तो गुलशन मे फूल खिल गये होते

फ़ासले जो है मुझमे और मेरी मंजिल मे

आपके प्यार के सहारे कब के मिट गये होते !!



आपका प्यार मिला लगता है संसार मिला

काटों का ताज मिले अब कॊई नही गिला

मै खुशनशीब हूं आपकी बाहों का हार मिला

ये न कहना गुमां हो गया मुझको अपने यार का

गम क्या गमों का पहाड भी , दुंगा हिला अब तों मैं !!

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